कुंडली बॉर्डर पर बड़ी खाप की आपात बैठक, किसानों ने सरकार के सामने रखी बड़ी मांगे

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किसानों ने कहा कि 2016 वाला प्रकरण हरियाणा सरकार फिर से दोहरा सकती है. 2016 में बीजेपी सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा के बावजूद आज तक युवा हरियाणा की जेलों में बंद है.

संसद के दोनों सदनों में कृषि किसानों के तीनों बिल वापसी का विधेयक पास हो चुका है. जबकि किसानों का आंदोलन अभी भी लगातार जारी हैं. किसानों ने नई मांगो के साथ अभी भी धरना प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है. आज सोनीपत कुंडली बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में खाप पंचायतों ने एक आपात बैठक बुलाई थी जिसमें निर्णय लिया कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगे लिखित रूप में किसानों को नहीं देगी जब तक खाप पंचायते भी इस आंदोलन का हिस्सा रहेंगी. इसके अलावा किसानों ने अपनी सारी मांगे पूरी नहीं होने तक आंदोलन को निरंतर चलाने का फैसला लिया है. 

किसानों ने कहा कि 2016 वाला प्रकरण हरियाणा सरकार फिर से दोहरा सकती है. 2016 में बीजेपी सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की घोषणा के बावजूद आज तक युवा हरियाणा की जेलों में बंद है. 

किसानों ने कहा कि  सरकार ने कृषि बिल वापस ले लिए हैं. परन्तु हमने सरकार का धन्यवाद नहीं किया क्योंकि सरकार वो बिल वापस लिये हैं जो हमारे लिए बने ही नहीं थे. हम सरकार का धन्यवाद करेंगे अगर सरकार हमारे लिए MSP की गारंटी पर कानून बनाए और किसान आंदोलन में दर्ज हुए मुकदमे वापस ले.  साथ ही आंदोलन के दौरान मारे गए मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाये।   

   

  


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